GuruPoornima - 2015, Bhadohi, UP

On Date: 01 August 2015

शुक्रवार, दिनांक ३१ जुलाई २०१५, श्रीजीमहाराज प्रदेश – भदोही – उत्तरप्रदेश में प.भ. रामसहायजी, प.भ. रामशिरोमणि, प.भ. मदनलाल, प.भ. विजयशंकर, प.भ. राममणि, प.भ. सुशीलजी एवं अन्य वडील हरिभक्तो के मार्गदर्शन और उपस्थिति में भदोही के ५०० भक्तोने गुरुभक्ति अदा करके भक्ति सभर गुरुपूर्णिमा उत्सव मनाया गया |

सभी युवकोने सुंदर सुशोभन कर अद्भुत सेवा-भक्ति का दर्शन कराया |

प्रासंगिक उद्बोधन करते हुए प.भ. राजमणि यादवने बताया कि पहले शिष्य गुरु की खोज करते थे, परंतु कलियुग में स्वयं गुरु भक्तों की खोज करते है | ऐसे प.पू. हरिप्रसादस्वामीजी महाराज अपने मुक्तों को दर्शन देकर अपने अप्रतिम प्रेम और आत्मीयता से हम सब को कृतार्थ किया है |

युवाशिक्षक प्रेमशंकर राय ने आरुणि, उपमन्यु की गुरुभक्ति का वर्णन करके गुरुहरि स्वामीश्री की योगीजी महाराज को पसंद है ऐसी युवासेवा में हम सब को निमित्त बनाकर आजदिन तक अपनी गुरुभक्ति अदा कर रहे है |

अंत में गुरुहरि स्वामीश्री का गुजराती में आशिष प्रवचन सभी ने सुना तो हिंदीभाषी सभी हरिभक्‍तों को स्वामीश्री क्या करवाना चाहते है और उनकी अनुवृत्ति क्या है यह बात समज में आयी और यह सबको प्रतीत हुआ। स्वामीश्री की मरजी के मुताबिक जिने का सभी ने संकल्प लिया।

गुरुभक्ति के इस अवसर पर आत्मीयस्वजन श्री केशवप्रसाद (वकील), जगदीश रामबाबू, अरविन्दभाई शर्मा और कैलाशभाई शर्मा ने आत्मीयता के नाते इस अवसर में पधारकर गुरुपूजन और आशिष का लाभ लिया | करबिन ५०० भक्तोने गुरुपूजन और महाप्रसाद का लाभ प्राप्त किया |

अंत में सभी हरिभक्तों ने श्रीठाकोरजी की आरती और प्रसाद का लाभ लिया | समग्र सभा के संचालन की सेवा प.भ. सुशिलजी ने बहुत ही सुंदर तरीके से निभाकर गुरुभक्ति अदा की |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Our Aim

O Lord ! Anyone becomes Atmiya or not, Please make me Atmiya !

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